शाम का समय था .मेरे पास मेरे ग्राम के चाँद मोहम्मद जी आये ,उस समय मेरे पास कुछ शिक्षक गण बैठे हुए थे। लोगो का एक दूसरे के प्रति कैसा व्यवहार होना चाहिए,इसी विषय पर चर्चा चल रही थी। वे भी बैठ कर हम लोगो की बाते सुननें लगे। कुछ देर पश्चात मेरी ओर मुखातिब होकर बोले "जो खुद को अच्छा न लगे वह दूसरो के साथ न करें"। और इसी के साथ हम लोगो की चर्चा भी समाप्त हो गयी।
............vikram
शनिवार, 29 दिसंबर 2007
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